क्वीन की राय: कंगना रनोट का मानना है धोखा देने वाला, एंटीनेशनल और हिंदूफोबिक है ट्विटर, भारत में इसे बैन कर देना चाहिए

By | 13th November 2020


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एक घंटा पहले

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कुछ समय पहले ही अपनी टीम के हाथ से सोशल मीडिया की कमान अपने हाथ में लेने वालीं कंगना रनोट ने ट्विटर को हिंदूफोबिक और एंटीनेशनल प्लेटफॉर्म करार दिया है। कंगना ने यह भी कहा है कि इस माइक्रो ब्लॉगिंग साइट को इंडिया में बैन कर देना चाहिए।उन्होंने यह बात अपने पिता के साथ एक पुरानी फोटो शेयर करते हुए लिखी। एक्ट्रेस के यह विचार उस समय आए जब ट्विटर पर ही #BANTWITTER ट्रेंड कर रहा था।

कंगना ने ट्विटर को बताया धोखेबाज
एक्ट्रेस ने अपने ट्वीट में लिखा- पिता के साथ मेरी एक रेयर फोटो। जिसमें हम किसी बात पर एग्री नजर आ रहे हैं। हालांकि, हम दोनों में से किसी को याद नहीं है वह कौन सी बात थी। खैर, सुनने में आ रहा है कि सरकार ट्विटर पर बैन लगा सकती है। भारत में ऐसा होने की जरूरत भी है। हमें इस तरह के धोखा देने वाले हिंदूफोबिक और एंटीनेशनल प्लेटफार्म की जरूरत भी नहीं है।

इसलिए उठी ट्विटर को बैन करने की मांग
केन्द्र शासित प्रदेश का हिस्सा लेह, लद्दाख में है लेकिन ट्विटर ने इसे जम्मू-कश्मीर का हिस्सा बताया जिसके लिए भारत में इसे निलंबित या ब्‍लॉक किया जा सकता है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना तकनीक मंत्रालय ने पहले ही ट्विटर को नोटिस जारी कर दिया है। 9 नवंबर को ट्विटर के ग्लोबल वाइस प्रेसिडेंट द्वारा जारी नोटिस में लिखा है कि ट्विटर लेह को लगातार जम्मू-कश्मीर का हिस्सा बता रहा है। यह भारतीय संसद की संप्रभुता की भावना का वॉयलेशन है क्योंकि संसद ने लद्दाख को भारत का केंद्रशासित प्रदेश घोषित किया है और लेह उसका हेडक्वॉर्टर है।

नोटिस का 5 दिन के अंदर जवाब मांगा गया है। इससे पहले भी जब लेह को चीन को हिस्‍सा दिखाया गया था, तब ट्विटर के संस्‍थापक जैक डॉर्सी को नोटिस भेजा गया था।





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