कमेंट पर सफाई: मुकेश खन्‍ना ने पहले कहा- औरत बाहर जाती है तो मीटू होता है, अब बोले- मैं पुरुष और नारी धर्म की बात कर रहा था

By | 1st November 2020


4 दिन पहले

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मुकेश खन्‍ना ने महिलाओं को लेकर दिए गए अपने विवादित कमेंट पर सफाई दी है। उन्होंने अपनी एक इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा है, “मुझे सचमुच हैरानी हो रही है कि मेरे एक स्टेटमेंट को बहुत ही गलत तरीके से लिया जा रहा है। मुझे औरतों के खिलाफ बताया जा रहा है। जितनी इज्जत मैं नारियों की करता हूं, शायद ही कोई करता होगा।” इसीलिए मैंने ‘लक्ष्मी बॉम्ब’ के नाम का विरोध किया। मैं नारियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हूं। हर रेप कांड के खिलाफ मैं बोला हूं।”

‘मैं कभी नहीं कहा औरतों को काम नहीं करना चाहिए’

खन्‍ना ने पोस्ट में आगे लिखा है, “मेरे एक इंटरव्यू की क्लिप को लेकर कुछ लोगों ने शोर मचा दिया है। मैंने कभी नहीं कहा कि औरतों को काम नहीं करना चाहिए। मैं सिर्फ ये बताने जा रहा था कि मीटू की शुरुआत कैसे होती है? हमारे देश में औरतों ने हर फील्ड में अपनी जगह बनाई है। फिर चाहे वो डिफेंस मिनिस्टर हो, फाइनेंस मिनिस्टर हो, विदेश मंत्री हो या स्पेस हो, हर जगह नारी ने अपना परचम लहराया है।”

‘मैं नारी और पुरुष धर्म की बात कर रहा था’

बकौल खन्‍ना, “मैं नारी के काम करने के खिलाफ कैसे हो सकता हूं। उस वीडियो इंटरव्यू में मैं सिर्फ नारी के बाहर जाकर काम करने से क्या दिक्कतें आ सकती हैं, उस पर रोशनी डाल रहा था। जैसे घर के बच्चे अकेले पड़ जातें हैं। मैं पुरुष और नारी धर्म की बात कर रहा था, जो हजारों सालों से चला आ रहा है।”

‘मैंने नहीं कहा नारी बाहर जाती है तो मीटू होता है’

खन्‍ना ने लिखा है, “मैंने ये नहीं कहा कि नारी बाहर जाती है तो मीटू होता है। मैंने एक साल पहले इसी टॉपिक पर एक वीडियो बनाया था, जो मैं आप लोगों को दिखाना चाहता हूं कि तब भी मैंने यही कहा था कि नारियों को अपने काम करने की जगह पर अपनी सुरक्षा कैसे करनी चाहिए। मैंने तब भी नहीं कहा कि नारियां काम पर ना जाएं। तो आज कैसे कह सकता हूं।”

‘अफसोस है कि अपनी बात ढंग से नहीं रख सका’

खन्‍ना ने आगे लिखा है, “मैं अपने सभी दोस्तों से यही कहना चाहता हूं कि मेरे स्टेटमेंट को गलत तरीके से मत पेश करें। मेरे पिछले चालीस साल, मेरा फिल्मी सफर इस बात की पुष्टि करता है कि मैंने हमेशा नारियों की इज्जत की है। इस बात को हर कलाकार या हर फिल्म यूनिट का मेम्बर जानता है कि मैंने हमेशा सबकी इज्जत की है। अगर कोई भी नारी मेरे इस स्टेटमेंट से आहत हुई हो तो मुझे अफसोस है कि मैं अपनी बात सही ढंग से नहीं रख पाया।”

‘सब जानते हैं मैं जिंदगी कैसे जी रहा हूं’

खन्‍ना अपनी पोस्ट के अंत में लिखते हैं, “मुझे इस बात की चिंता नहीं कि नारी समाज मेरे खिलाफ हो जाएगा। उन्हें होना भी नहीं चाहिए। मेरी जिंदगी खुली किताब है। सब जानते हैं कि मैंने कैसे जिंदगी जी है और कैसे जी रहा हूं। मैं अपना वही इंटरव्यू आपको पूरा दिखाना चाहता हूं, जिसमें से ये क्लिप ली गई है। आपको पता चलेगा कि मैं नारियों के प्रति क्या विचार रखता हूं।”

वायरल क्लिप में क्या कह रहे थे खन्‍ना?

वायरल क्लिप में खन्‍ना ने मीटू अभियान पर कहा था कि ये समस्या औरतों के बाहर काम करने से शुरू हुई है। उन्होंने आरोप लगाया था कि महिलाएं मर्दों की बराबरी करना चाहती हैं और उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलना चाहती हैं।

मुकेश खन्‍ना ने कहा था, “औरत की रचना अलग होती है और मर्द की अलग होती है। औरत का काम होता है घर संभालना, जो माफ करना मैं कभी-कभी भूल जाता हूं। प्रॉब्लम कहां से शुरू हुई है मीटू की जब औरतों ने भी काम करना शुरू कर दिया। आज औरत मर्द के साथ कंधे से कंधा मिलाकर बात करती हैं।”



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